*BREAKING: कैट ने राजभाषा विभाग को सहायक निदेशक के 81 पदों को तीन माह के भीतर भरने का निर्देश दिया *कनिष्ठ अनुवादकों को पदोन्नत किए जाने का मामला अग्रिम चरण में। *राजभाषा विभाग को सौंपे सुझावों में एसोसिएशन ने सहायक निदेशक की सीधी भर्ती की बजाए विभागीय परीक्षा का प्रस्ताव किया। *शेष तदर्थ सहायक निदेशकों के नियमितीकरण और कुछ वरिष्ठ अनुवादकों की पदोन्नति के प्रयास जारी *श्री टी एम थॉमस मामले के संदर्भ में,एसोसिएशन ने 01.01.2006 से कनिष्ठ अनुवादकों का ग्रेड-पे 4600 रुपए करने की मांग को लेकर वकील से भिजवाई गई नोटिस विभाग में विचाराधीन।

Tuesday, 30 May 2017

कैट के आदेश पर तुरन्त अमल की मांग

मित्रो, 
कैट के दिनांक 22 मई, 2017 के आदेश को देखते हुए,एसोसिएशन ने कल सचिव (राजभाषा) से मुलाक़ात कर इस आदेश को तत्काल लागू करने की मांग की। सचिव महोदय से आग्रह किया गया कि 81 वरिष्ठ अनुवादकों की पदोन्नति के आदेश को शीघ्रता से लागू करने से ही,जुलाई में सेवानिवृत्त हो रहे श्री राजा राम शुक्लाजी के मामले में भी न्याय हो सकेगा और उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद पदोन्नति का लाभ मिल सकेगा। सचिव महोदय का ऐसे मामलों की ओर ख़ास तौर से ध्यानाकर्षण किया गया जिनमें विभागीय लापरवाही के कारण सहकर्मियों को समय रहते पदोन्नति का लाभ नहीं मिल सका और उन्हें आजीवन आर्थिक नुक़सान हुआ। इसे ध्यान में रखते हुए सचिव महोदय ने मामले को व्यक्तिगत रूचि लेते हुए देखने का आश्वासन दिया और अवर सचिव श्री देवगनजी को पदोन्नति आदेश शीघ्रता से निकालने का आदेश दिया।

4 comments:

  1. आगामी 12 जुलाई, 2017 से 11 अगस्त,2017 तक (एक माह के लिए), संसद का मानसून सत्र शुरु हो जायेगा ( तत्पश्चात,12-13 एवं 15 अगस्त को क्रमशः शनिवार, रविवार एवं स्वतंत्रता दिवस का अवकाश है). ऐसी स्थिति में, यदि राजभाषा विभाग जून, 2017 के बाद अगले महीने जुलाई में सहायक निदेशक के पद पर पदोन्नति सम्बन्धी आदेश जारी करेगा तो विभिन्न मंत्रालय/ विभाग अपने यहाँ कार्यरत वरिष्ठ अनुवादकों को रिलीव करने में (संसद सत्र को देखते हुए) निश्चित तौर पर आनाकानी करेंगें एवं उन्हें संसद सत्र के बाद ही रिलीव करेगें। अतः इस तथ्य को यूनियन के माध्यम से, राजभाषा विभाग के संज्ञान में लाना आवश्यक है कि CAT के निर्णय के समय पर अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए सहायक निदेशक के पद पर पदोन्नति सम्बन्धी आदेश इसी माह जून ही जारी किये जाने चाहिए.

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  2. One month gone. Urgency not being shown. Raj Bhasha Vibhag is not afraid of anyone including courts. Forget urgency, even normal speed is not being shown up.

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  3. Atleast seniority list could have been updated (They are just changing dates). Retired and expired staff should be removed from the list so that people could know where they stand in the list and what are their chances for promotion, if any.............

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  4. july mein promotion hone se SHTs ko ek increment ka bhi nuksaan hoga.

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